गौसेवा, गुरुकुल और ग्लोबल विजन: भारत की पुनर्रचना में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन से नया अध्याय लिखते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी व महामहिम आचार्य श्री देवव्रत जी
🌿🇮🇳 राष्ट्र के दो तपस्वी कर्मयोगी 🇮🇳🌿 "एक दीप विचारों का, एक जोत परिश्रम की, भारत के भाग्य को सँवार रहे दो किरणें धरम की। एक हैं तपस्वी राजऋषि – आचार्य का तेज लिए, दूसरे हैं कर्मयोगी राष्ट्र नायक– जन-मन का संदेश लिए। गौ की सेवा, खेत की पूजा, मिट्टी से प्रेम का ज्ञान, बना रहे हैं ये दोनों पुरुष, भारत को फिर महान। ना ताज, ना सिंहासन, ना सत्ता की अभिलाषा है, इनकी हर सांस में बस, भारत माता की भाषा है। जहाँ सोच हो सनातन, और दृष्टि हो विश्ववंदनीय, वहाँ खड़ी होती है सभ्यता – कृषि के ऋषि आचार्य देवव्रत जी और राष्ट्र नायक श्री नरेन्द्र मोदी जी जैसी।" जब संवेदना, संकल्प और सेवा एक साथ चलते हैं, तब एक युग परिवर्तन होता है। 🔹 एक ओर महामहिम आचार्य श्री देवव्रत जी, जिन्होंने गुरुकुल संस्कृति, गौसंवर्धन और प्राकृतिक खेती को राष्ट्र का अभिन्न अंग बनाया। 🔹 दूसरी ओर प्रधानसेवक श्री नरेन्द्र मोदी जी, जिन्होंने भारत की आत्मा को वैश्विक पहचान दी – योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक खेती और सनातन मूल्यों के माध्यम से। 👉 एक ने खेत को तीर्थ बनाया, 👉 दूसरे ने भारत को विश्वगुरु की ओर अग्रस...