संदेश

अप्रैल, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जगन्नाथ पुरी की चाय में घुली मानवता की मिठास : के पी सिंह ठैनुआं

चित्र
#प्रेरणादायक "प्रेरणा की एक प्याली – लव जी चाय वाले की सच्ची कहानी" आज जगन्नाथ पुरी की पावन धरती पर एक अनमोल आत्मा से भेंट हुई — चाय की दुकान चलाने वाले लव जी से। जब मैं उनकी दुकान पर चाय पीने रुका, तब वे अपने दिव्यांग, अनाथ भांजे सोनू की सेवा में लगे थे। उन्होंने जो कहा, उसने आत्मा को झकझोर दिया — "सर, मेरे लिए माता-पिता की सेवा ईश्वर की सेवा है, और भांजे की सेवा जगन्नाथ जी की सेवा है। कभी-कभी खुद दो वक्त भूखा रह लेता हूँ, लेकिन सोनू को कभी भूखा नहीं रहने देता। मैंने अपनी सरकारी नौकरी छोड़ दी, ताकि माँ-बाप की सेवा कर सकूँ।" लव और कुश – ये नाम हैं दो जुड़वां भाइयों के, जिनमें लव जी सच्चे अर्थों में "रामायण" की मर्यादा और ममता का जीवन्त उदाहरण बन चुके हैं। आज जब दुनिया धन, पद और प्रतिष्ठा में बड़ा-छोटा मापती है, लव जी जैसे साधारण व्यक्ति अपनी असाधारण सोच और कर्मों से सबको पीछे छोड़ देते हैं। वृद्धाश्रमों में माँ-बाप को छोड़ आने वालों, और ज़मीन-जायदाद के झगड़ों में भाईचारे को भूल जाने वालों को लव जी से सीखना चाहिए — सेवा, त्याग और सच्चे प्रेम का अर्थ क्या हो...